
स्वामी कुवलयानंद (1883-1966) एक महान योगी, दूरदर्शी समाज सुधारक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ योग को आधुनिक अनुसंधान का विषय बनाने वाले युगपुरुष थे। संस्कृत और दर्शनशास्त्र में उनकी गहरी पकड़ थी, और वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से भी प्रेरित थे। उनका मानना था कि शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक उत्थान के माध्यम से व्यक्ति को सशक्त बनाना आवश्यक है।
1924 में, स्वामी कुवलयानंद जी ने लोनावला में कैवल्यधाम की स्थापना की, जिसका उद्देश्य प्राचीन योग विज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ जोड़ना था। उन्होंने विश्व की प्रथम योग अनुसंधान पत्रिका योग मीमांसा का प्रकाशन किया, जिसने योग को चिकित्सा और विज्ञान के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित स्थान दिलाया।
स्वामी जी ने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, पंडित मदन मोहन मालवीय, और पंडित जवाहरलाल नेहरू जैसे महान नेताओं का मार्गदर्शन किया और आत्म-संयम एवं अनुशासन को राष्ट्र सेवा का आधार बनाया। उनका जीवन और योगदान आज भी योग साधकों को प्रेरित करता है।
1924 में स्थापित, कैवल्यधाम विश्व के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित योग संस्थानों में से एक है, जो पारंपरिक योग और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। बीते सौ वर्षों में, संस्थान ने योग के प्रचार, शिक्षा और अनुसंधान में अद्वितीय योगदान दिया है।
कैवल्यधाम ने सबसे पहले योग के चिकित्सीय और शारीरिक प्रभावों पर वैज्ञानिक अध्ययन शुरु किया और 1924 में विश्व की प्रथम योग अनुसंधान पत्रिका योग मीमांसा का प्रकाशन किया।
1961 में स्थापित योगिक अस्पताल में योग चिकित्सा के माध्यम से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान किए जाते हैं।
1951 में प्रथम योग महाविद्यालय की स्थापना की गई, जहां योग शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और प्रमाणन कार्यक्रम चलाए जाते हैं।
कैवल्यधाम का सहयोग विश्वविद्यालयों, सरकारी संस्थानों और स्वास्थ्य संगठनों के साथ है, जिसके माध्यम से योग का प्रचार-प्रसार किया जाता है।
आज, कैवल्यधाम एक वैश्विक योग केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित है, जो मानव कल्याण और समाज के उत्थान के लिए योग को वैज्ञानिक आधार पर प्रस्तुत कर रहा है।
स्वामी कुवलयानंद व्याख्यान माला एक विशेष प्रवचन श्रृंखला है, जिसमें समाज, आध्यात्म, नैतिकता और जीवन मूल्यों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली विभूतियाँ अपने अनुभव और विचार साझा करेंगी।
कैवल्यधाम के शताब्दी समारोह के अंतर्गत विविध कार्यक्रमों, संगोष्ठियों और कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन स्वामी कुवलयानंद जी के योग विज्ञान और सेवा भावना को सम्मानित करने और योग को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने का प्रयास है।
मुख्य – अतिथि
गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी
संस्थापक – आर्ट ऑफ लिविंग
आध्यात्मिक गुरु
अध्यक्ष – गवर्निंग काउंसिल – IYA
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